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राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और एकीकृत पेंशन योजना (UPS) के विभिन्न परिदृश्यों (special cases) के आधार पर व्यावहारिक प्रभाव

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और एकीकृत पेंशन योजना (UPS) के बीच मुख्य अंतर और विभिन्न परिदृश्यों (special cases) के आधार पर व्यावहारिक प्रभाव (practical implications)

एकीकृत पेंशन योजना (UPS) 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी हो चुकी है। केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के लिए NPS से UPS में स्विच करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2025 तक बढ़ा दी गई है। UPS में कर्मचारी का योगदान 10% (मूल वेतन + महंगाई भत्ता) और सरकार का मिलान योगदान भी 10% व्यक्तिगत कोष में जमा होगा, जबकि सरकार अतिरिक्त 8.5% पूल कोष में जमा करेगी। इसके अलावा, सेवानिवृत्ति पर 25 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी का प्रावधान है, जो पेंशन को प्रभावित नहीं करता।


NPS बनाम UPS — संक्षिप्त तुलना 

NPS में आपकी जमा राशि बाजार में निवेश होती है; लंबी अवधि में इक्विटी‑एक्सपोज़र से बेहतर रिटर्न संभव है पर कोई निश्चित मासिक पेंशन गारंटी नहीं होती। NPS में योगदानकर्ता को फंड मैनेजर और निवेश एलोकेशन चुनने की स्वतंत्रता मिलती है, लागत अपेक्षाकृत कम रहती है और कर‑लाभ उपलब्ध होते हैं। UPS एक हाइब्रिड विकल्प है: व्यक्तिगत कोष में कर्मचारी और सरकार का बराबर योगदान रहेगा और सरकार पूल‑कोष के माध्यम से अतिरिक्त योगदान कर पेंशन‑गारंटी का समर्थन करेगी। UPS में पेंशन के लिए स्पष्ट नियम हैं — 25 वर्ष सेवा पर अंतिम 12 माह के औसत मूल वेतन का 50% पूर्ण पेंशन; 10–25 वर्ष के बीच प्रो‑राटा पेंशन; और ≥10 वर्ष सेवा पर न्यूनतम ₹10,000 प्रति माह की गारंटी। UPS में महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) पेंशन के साथ लागू होगा; NPS में वार्षिकी पर महंगाई भत्ता स्वतः लागू नहीं होता।


अतिरिक्त सत्यापित तथ्य: UPS में पारिवारिक पेंशन का प्रावधान है — कर्मचारी की मृत्यु पर पेंशन का 60% जीवनसाथी या परिवार को मिलेगा। कर लाभ के संदर्भ में, दोनों योजनाओं में योगदान धारा 80C के तहत कटौती योग्य है, लेकिन UPS में ग्रेच्युटी और पेंशन भुगतान पर भी विशेष छूट उपलब्ध है।


NPS के विशेष लाभ और किनके लिए उपयुक्त है  

1. बाजार‑लिंक्ड वृद्धि: लंबी अवधि में इक्विटी‑एक्सपोज़र से उच्च रिटर्न की संभावना।  

2. निवेश नियंत्रण: फंड मैनेजर और एलोकेशन चुनने की स्वतंत्रता।  

3. कम शुल्क और पारदर्शिता: लागत कम होने से नेट रिटर्न बेहतर हो सकता है।  

4. कर‑लाभ: योगदान पर कर‑छूट उपलब्ध होती है।  

5. पोर्टेबिलिटी: नौकरी बदलने पर भी NPS खाता साथ चलता है।  

NPS उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो जोखिम सहन कर सकते हैं, लंबी अवधि के निवेशक हैं, निवेश‑नियंत्रण और संभावित उच्च रिटर्न को प्राथमिकता देते हैं, तथा कर‑लाभ और पोर्टेबिलिटी चाहते हैं।


UPS के अतिरिक्त लाभ: गारंटीड पेंशन के अलावा, UPS में अक्षमता पेंशन (disability pension) का प्रावधान है, जहां सेवा के दौरान विकलांगता होने पर भी न्यूनतम पेंशन सुनिश्चित होती है।


परिदृश्य‑आधारित उदाहरण और व्यावहारिक प्रभाव


1) सेवा आरम्भ आयु के आधार पर (उदाहरण: 24, 25, 30, 31, 32, 34, 36, 38, 42, 45 वर्ष में शामिल होना)  

यदि कोई कर्मचारी विभिन्न आयु (24, 25, 30, 31, 32, 34, 36, 38, 42, 45 वर्ष) में सेवा में शामिल होकर 60 वर्ष तक कार्य करता है, तो कुल सेवा अवधि निम्नानुसार होगी:  

- 24 वर्ष आयु: 36 वर्ष सेवा → UPS में पूर्ण पेंशन (अंतिम 12 माह औसत मूल वेतन का 50%)।  

- 25 वर्ष आयु: 35 वर्ष सेवा → UPS में पूर्ण पेंशन।  

- 30 वर्ष आयु: 30 वर्ष सेवा → UPS में पूर्ण पेंशन।  

- 31 वर्ष आयु: 29 वर्ष सेवा → UPS में पूर्ण पेंशन।  

- 32 वर्ष आयु: 28 वर्ष सेवा → UPS में पूर्ण पेंशन।  

- 34 वर्ष आयु: 26 वर्ष सेवा → UPS में पूर्ण पेंशन।  

- 36 वर्ष आयु: 24 वर्ष सेवा → UPS में प्रो-राटा पेंशन (उदाहरण: औसत मूल वेतन ₹50,000 पर 50% = ₹25,000 का 24/25 प्रो-राटा ≈ ₹24,000 प्रति माह)।  

- 38 वर्ष आयु: 22 वर्ष सेवा → UPS में प्रो-राटा पेंशन (₹25,000 का 22/25 ≈ ₹22,000 प्रति माह)।  

- 42 वर्ष आयु: 18 वर्ष सेवा → UPS में प्रो-राटा पेंशन (₹25,000 का 18/25 ≈ ₹18,000 प्रति माह)।  

- 45 वर्ष आयु: 15 वर्ष सेवा → UPS में प्रो-राटा पेंशन (₹25,000 का 15/25 ≈ ₹15,000 प्रति माह), साथ में महंगाई भत्ता।  

सभी मामलों में NPS में कोष बाजार-लिंक्ड वृद्धि पर निर्भर करेगा, लेकिन देर से जुड़ने पर कम अवधि के कारण संचित राशि सीमित हो सकती है, जबकि वार्षिकी का स्तर कोष और बाजार दरों पर निर्भर रहेगा। UPS देर से जुड़ने वालों के लिए भी गारंटीड स्तर सुनिश्चित करता है (≥10 वर्ष सेवा पर न्यूनतम ₹10,000)।


2) सेवा के दौरान मृत्यु (Death in Service)  

यदि कोई कर्मचारी सेवा के दौरान (उदाहरण: 15 वर्ष सेवा के बाद) मृत्यु को प्राप्त होता है, तो UPS के तहत परिवार को पेंशन का 60% पारिवारिक पेंशन मिलेगा, जो औसत मूल वेतन के 50% पर आधारित होगा। NPS में, संचित कोष परिवार को लंप सम एक्जिट (60% तक टैक्स-फ्री) के रूप में मिलेगा, लेकिन कोई गारंटीड मासिक पेंशन नहीं। यह परिदृश्य UPS को परिवार-केंद्रित कर्मचारियों के लिए अधिक सुरक्षित बनाता है।


3) लंबी सेवा (30+ वर्ष) वाले युवा कर्मचारी (उदाहरण: 26 वर्ष आयु पर शामिल)  

एक 26 वर्षीय राज्य सरकार कर्मचारी, जो 34 वर्ष सेवा पूरी करेगा, NPS में चक्रवृद्धि ब्याज से उच्च रिटर्न (औसत 8-10% वार्षिक) की संभावना रखता है, जो UPS की गारंटीड 50% पेंशन से अधिक हो सकता है। हालांकि, UPS बाजार उतार-चढ़ाव से सुरक्षा प्रदान करता है। यदि जोखिम सहनशीलता अधिक है, NPS बेहतर; अन्यथा UPS।


4) अस्थायी/संविदा कर्मचारी (Contractual Employee)  

यदि कोई संविदा कर्मचारी 10 वर्ष NPS में रहता है और फिर स्थायी होकर UPS में स्विच करता है, तो NPS कोष ट्रांसफर होगा, लेकिन कुल सेवा गणना स्थायी अवधि पर आधारित होगी। UPS में न्यूनतम ₹10,000 पेंशन गारंटी लाभदायक है, जबकि NPS में कोष बाजार पर निर्भर। यह परिदृश्य NPS की पोर्टेबिलिटी को उजागर करता है।


5) विकलांगता के कारण सेवानिवृत्ति (Disability Retirement)  

सेवा के 12 वर्ष बाद विकलांगता होने पर UPS में प्रो-राटा पेंशन + अक्षमता लाभ (full pension if 80% disability) मिलेगा। NPS में केवल संचित कोष उपलब्ध होगा, बिना अतिरिक्त गारंटी। UPS स्वास्थ्य-संबंधी अनिश्चितताओं के लिए सुरक्षित।


6) सेवा अवधि 10 वर्ष से कम (Less than 10 Years Service)  

यदि कोई कर्मचारी केवल 8 वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत्ति लेता है, तो UPS के तहत कोई सुनिश्चित पेंशन उपलब्ध नहीं होगी, और विकल्प NPS जैसा ही रहेगा जहां संचित कोष पर ही निर्भरता होगी। NPS में कम सेवा के बावजूद कोष निकासी (20% टैक्स-फ्री) संभव है, लेकिन कोई गारंटी नहीं। यह परिदृश्य छोटी अवधि की नौकरी वाले कर्मचारियों के लिए NPS की लचीलापन को दर्शाता है, जबकि UPS न्यूनतम 10 वर्ष की शर्त लगाती है।


7) अप्रैल 2025 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारी (Past Retirees Opting for UPS)  

यदि कोई कर्मचारी अप्रैल 2025 से पहले NPS के तहत सेवानिवृत्त हो चुका है, तो UPS चुनने पर अतीत की अवधि के लिए बकाया राशि PPF ब्याज दर पर मिलेगी, साथ ही मासिक टॉप-अप पेंशन। NPS में पहले से ली गई वार्षिकी बनी रहेगी, लेकिन UPS टॉप-अप से अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी। यह हाल के सेवानिवृत्तों के लिए UPS को आकर्षक बनाता है, विशेषकर यदि बाजार रिटर्न कम रहे।


8) स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति 20 वर्ष सेवा पर (Voluntary Retirement after 20 Years)  

20 वर्ष सेवा के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने पर UPS में प्रो-राटा पेंशन (उदाहरण: ₹50,000 औसत वेतन पर ₹20,000 प्रति माह) तुरंत शुरू होगी, साथ में DA। NPS में कोष पर आधारित वार्षिकी, जो बाजार पर निर्भर। UPS यहां स्थिरता प्रदान करता है, लेकिन यदि सेवा 25 वर्ष तक जारी रखी जाती तो पूर्ण पेंशन संभव होती।


9) सेवा से निष्कासन या त्यागपत्र (Removal/Dismissal or Resignation)  

सेवा से निष्कासन या त्यागपत्र के मामले में UPS के तहत कोई पेंशन गारंटी नहीं मिलेगी, और संचित कोष NPS की तरह ही उपलब्ध होगा। NPS में पोर्टेबिलिटी बनी रहती है, लेकिन कोई अतिरिक्त लाभ नहीं। यह परिदृश्य अनुशासनिक कार्रवाई वाले मामलों में दोनों योजनाओं की सीमाओं को उजागर करता है, जहां UPS की गारंटी शर्तों पर निर्भर करती है।


निष्कर्षात्मक मार्गदर्शन (संक्षेप)  

• यदि प्राथमिकता निश्चित मासिक आय और महंगाई‑सुरक्षा है तो UPS उपयुक्त है, विशेषकर जब आप 25 वर्ष तक सेवा पूरा करने की संभावना देखते हैं।  

• यदि प्राथमिकता लंबी अवधि में बाजार‑लिंक्ड वृद्धि, निवेश‑नियंत्रण और कर‑लाभ है तो NPS उपयुक्त है, और यह युवा तथा जोखिम‑सहिष्णु निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।  

Disclaimer- यह दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों से ली गई है। आप अपने विभाग से ये उच्च अधिकारियों से ज्यादा जानकारी ले सकते है।

इस ब्लॉग में और भी कई जानकारी इस से संबंधित दी गई है आप उसका भी लाभ उठा सकते है। 


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